यदि कुंडली में राहु ग्रह के साथ सूर्य ग्रह का प्रभाव आ जाय तो व्यत्ति की आत्मा पर नकरात्मक प्रभाव अधिक हो जाता है आध्यात्मिक चेतना में व्यवधान उत्पन करता है। सरकार के सहयोग कम मिलता है नौकरी के सेक्टर में पदोन्नति में बाधा उत्पन करता है । नेत्रों में कष्ट की अनुभूति एवं जिस राशि पर संचरण करता है उस नक्षत्र के अनुशार अपना प्रभाव देता है।अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए गजेंद्र मोक्ष का पाठ निमित्त रूप से करते हैं। तो दैनिक जीवन में सुधार के लक्षण मिल सकते है। राहु ग्रह अप्रत्यक्ष रूप से अपना प्रभाव देता है अचानक घटना होती उसमें राहु ग्रह का नियंत्रण बना रहता है। ॐ शान्ति ॐ शान्ति